शनिवार, 13 जून 2015

स्कूली शिक्षा की योजनाआें को लेकर सरकार प्रतिबद्ध

एमडीएम में बजट कटौती को लेकर केंद्र का स्पष्टीकरण
हरिभूमि ब्यूरो.नई दिल्ली

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय का कहना है कि वो स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से जुड़ी μलैगशिप योजनाआें को लेकर प्रतिबद्ध है, जिसमें मिड डे मील (एमडीएम) योजना भी शामिल है। मंत्रालय की तरफ से यह बयान बीते दिनों कुछ अखबारों में एमडीएम को लेकर छपी खबरों के बाद आया है, जिनमें योजना के बजट में केंद्र द्वारा कटौती को लेकर खबरें प्रकाशित की गई थीं। यहां बता दें कि इस योजना पर हरिभूमि ने भी 28 मई को ‘एमडीएम योजना में कटौती का भार उठाएंगे राज्य’ शीर्षक से एक खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक एमडीएम योजना के तहत 10.33 करोड़ प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों और स्कूलों से बाहर रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने वाले विशेष प्रशिक्षण केंद्रों शामिल हैं। राज्य और केंद्र-शासित प्रदेशों में योजना को लेकर समय-समय पर केंद्र द्वारा अनुदान राशि जारी के ढांचे के तहत कार्य किया जाता है। इसके अलावा 14वें वित्त आयोग में राज्यों को हस्तांतरित किए जाने वाले केंद्रीय राजस्व में 42 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह आंकड़ा पहले 32 फीसदी था। इसके अलावा योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से मौजूदा वित्त वर्ष 2015-16 में 9 हजार 236 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जिसमें आवश्यकता के हिसाब से इजाफा किया जा सकता है।

केंद्र की ओर से राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों को योजना के उचित क्रियान्वयन के लिए संशोधित दिशानिर्देंश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा केंद्र ने योजना के तहत सूखा प्रभावित राज्यों को 466.70 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि देने का निर्णय लिया है। इसका उपयोग एमडीएम योजना के तहत गर्मी की छुट्टियों में प्राथमिक स्कूलों के स्तर पर पढ़ने वाले बच्चों को मध्याहन भोजन परोसने के लिए किया जाएगा।

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